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'पंचवटी से पोषण' अभियान का शुभारंभ

बेटियों की पढ़ाई का जिम्मा उठायेगी सरकार - मुख्यमंत्री

 

भोपाल, बेटियां खूब पढ़ें, आगे बढ़ें और प्रदेश का भविष्य गढ़ें। बेटियां आगे बढ़ेंगी तभी देश और प्रदेश आगे बढ़ेगा। प्रदेश की सभी प्रतिभावान और मेधावी बेटियां यदि मेडिकल, इंजीनियरिंग, आई.आई.टी. और आई.आई.एम. जैसे संस्थानों में प्रवेश लेती हैं और उनके माता-पिता आयकर नहीं देते हैं तो उनकी पढ़ाई का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। बेटियों को वरदान बनाने के लिये राज्य सरकार ने बेटी बचाओ योजना शुरू की है। यह विचार मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने व्यक्त किये।

जो सपना ग्यारह साल पहले देखा था, वो आज पूरा हो गया है। एक दशक पहले शुरू की गई लाड़ली लक्ष्मी योजना महिला सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है। प्रदेश में सरकारी नौकरियों में बेटियों के लिये 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। यह बात मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में 'लाड़ली लक्ष्मी योजना' में पहली बार प्रदेश की बेटियों को छात्रवृत्ति वितरित करते हुये कही। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में अति कम वजन के बच्चों के पोषण आहार में सुधार के लिये 'पंचवटी से पोषण' अभियान का भी शुभारंभ किया।

लाड़ली लक्ष्मी योजना 'एक नजर'

प्रदेश सरकार द्वारा लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत पंजीकृत बालिकाओं को कक्षा छठवीं में प्रवेश पर दो हजार रुपये, नौवीं कक्षा में प्रवेश पर चार हजार रुपये तथा ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षा में प्रवेश पर 6-6 हजार रुपये की राशि छात्रवृत्ति के रूप में मुहैया करवायी जायेगी। साथ ही अठारह वर्ष बाद शादी करने पर 21 वर्ष की उम्र में एक लाख से ज्यादा रुपये मिलेंगे।

लाड़ली लक्ष्मी योजना ने पूरे विश्व में मध्यप्रदेश को ख्याति दिलायी

महिला-बाल विकास मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनीस से कहा कि लाड़ली लक्ष्मी योजना को पूरे देश में अपार समर्थन मिला। इस योजना से विश्व में राज्य सरकार को ख्याति मिली। अब प्रदेश में बेटी के  जन्म का स्वागत होता है। मध्यप्रदेश में बेटी जन्म लेते ही लखपति होती है। बेटियों को कुपोषण से बचाने के लिये 'पंचवटी से पोषण' योजना शुरू की जा रही है।

स्कूल शिक्षा मंत्री श्री शाह ने कहा कि हर बच्चा स्कूल जाये, यह हम सबका दायित्व है। बच्चे लगातार पढ़ें और स्कूल नहीं छोड़ें। महिला-बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती यादव ने कहा कि पूरे देश में लाड़ली लक्ष्मी योजना को सराहा गया है। महिला कल्याण की विभिन्न योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों तक पहुँचाया जायेगा।

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स्मरण - नौ अगस्त 1942

भारत छोड़ो आंदोलन

भारत की आजादी के लिये 9 अगस्त 1942 को देश में "भारत छोड़ा आंदोलन" प्रारंभ हुआ था। इस आंदोलन में महात्मा गांधी ने "करो या मरो" का नारा दिया था। इस दिन सम्पूर्ण भारत में अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह प्रारंभ हो गये थे। जब हमारे देश के स्वतंत्रता सेनानियों ने यह समझ लिया कि अंग्रेज हमारे देश को आजाद नहीं होने देना चाहते हैं, तब "भारत छोड़ो आंदोलन" के रूप में अंग्रेजों से अंतिम लड़ाई के रूप में यह घोषणा की गई थी। गांधी जी ने आंदोलन शुरू होने के पहले ही अपनी माँगों से तत्कालीन वायसराय को अवगत करा दिया था। उन्होंने उनसे मिलने का भी प्रयास किया। महात्मा गांधी वायसराय से मिलते इससे पहले ही 9 अगस्त 1942 को उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। सरकार ने सभी प्रमुख नेताओं को बंदी बना लिया था। उस समय देश की जनता ने अपने जोश और देशभक्ति की भावना को बनाये रखकर सम्पूर्ण भारत में सरकार के दमन के बाद भी जगह-जगह हड़ताल और प्रदर्शन किये।

उस समय के इस आंदोलन की व्यापकता को समझें तो पुस्तक "दि इंडियन रिवोल्ट ऑफ 1942" में लिखा है कि पुलिस ने 538 बार गोलियाँ चलाईं, इसमें कम से कम 7000 व्यक्ति मारे गये और 229 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया।

गैर सरकारी सूत्रों के अनुसार मरने वालों की संख्या 10000 से अधिक थी। इस आंदोलन ने ही अंग्रेजों को भारत छोड़ने पर मजबूर किया था। आज इस आंदोलन के 74 वर्ष पूर्ण हो चुके हैं। हम 75वें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं और हम इस अवसर पर अपने स्वतंत्रता सेनानियों और अमर शहीदों का पुण्य स्मरण और नमन करते हैं।

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जीएसटी बिल राज्यसभा में पास

ऐतिहासिक उपलब्धि : रंग लाया 16 साल का लंबा इंतजार

गत 16 साल से लंबित वस्तु और सेवाकर संशोधन विधेयक (जीएसटी बिल) 3 अगस्त को आखिरकार राज्यसभा में पास हो गया। यह विधेयक 6 संशोधनों के साथ राज्यसभा में पेश किया गया था। राज्यसभा में जीएसटी बिल पर चर्चा शाम तक हुई। इस चर्चा के बाद वोटिंग की गई, जिसमें जीएसटी के पक्ष में 203 वोट पड़े।

जीएसटी की दर 17-20 फीसद के बीच रहने की संभावना जताई जा रही है। राज्यसभा में बिल पर बोलते हुए वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली ने कहा कि जीएसटी से टैक्स चोरी पकड़ी जा सकेगी। जीएसटी काउंसिल केंद्र और राज्य दोनों को टैक्स, सेस और सरचार्ज पर सुझाव देगी।

क्या है जीएसटी?

जीएसटी एक अप्रत्यक्ष कर यानी इंडायरेक्ट टैक्स है। जीएसटी के तहत वस्तुओं और सेवाओं पर एक समान टैक्स लगाया जायेगा। जहां जीएसटी लागू नहीं है, वहां वस्तुओं और सेवाओं पर अलग-अलग टैक्स लगाए जाते हैं। सरकार अगर इस बिल को 2016 से लागू कर देती है तो हर सामान और हर सेवा पर सिर्फ एक टैक्स लगेगा यानी वैट, एक्साइज और सर्विस टैक्स जैसे करों की जगह सिर्फ एक ही टैक्स लगेगा।

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रियो में खेलों का महाकुंभ ओलिम्पिक शुरू

ब्राजील के मराकाना स्टेडियम में रंगारंग उद्घाटन समारोह के साथ ही रियो ओलिम्पिक की शुरुआत हो गई है। उद्घाटन समारोह में ब्राजील ने अपनी समृद्ध संस्कृति और इतिहास का प्रदर्शन किया।

रोशनी, संगीत और नृत्य के जरिए ब्राज़ील की रंगारंग संस्कृति और विविधता का जश्न मनाया गया। दुनिया के 200 से अधिक देशों के एथलीटों ने 75 हजार दर्शकों के सामने मार्चपास्ट किया। इस खेल आयोजन में 206 देशों की टीमों के साथ एक शरणार्थी टीम भी हिस्सा लेगी। यह टीमें कुल 28 खेलों में अपना दमखम दिखाने के लिए ब्राज़ील में हैं। इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर दुनियाभर के करोड़ों लोगों की निगाहें लगी हैं।

ब्राजील के रियो शहर में होने वाले ओलिम्पिक आयोजन कई तरह से अनूठे हैं। यह पहली बार है जब किसी दक्षिण अमरीकी देश में ओलिम्पिक हो रहा है।

रियो में चार जगहों पर खेलों के आयोजन होंगे। ये चार जगहें हैं डियोडोरू, बारा, कोपाकबाना और मराकाना। मराकाना में फुटबॉल का मशहूर स्टेडियम है। मराकाना जीन्यू सबसे छोटा स्टेडियम है। यहां पर वॉलीबॉल खेलों का आयोजन होगा।

अंतर्राष्ट्रीय ओलिम्पिक कमेटी (आईओसी) के मुताबिक इस साल के रियो खेलों में शरणार्थियों की भी एक टीम हिस्सा ले रही है।

आईओसी ने 18 साल की युसरा मर्दीनी और रामी अनीस का नाम शरणार्थियों की टीम में शामिल कर लिया है। ये सभी शरणार्थियों के लिए उम्मीदों का पैगाम था। शरणार्थियों की टीम में 10 सदस्य हैं। जिसमें पांच दक्षिण सूडान, दो सीरिया, दो डीआर कांगो और एक इथियोपिया से शामिल किए गए हैं। यह टीम ओलिम्पिक के झंडे के तहत हिस्सा लेगी। रियो ओलिम्पिक में 112 वर्ष बाद गोल्फ की वापसी हो रही है।

कहने को तो यह 31वां ओलंपियाड है लेकिन यह 28वां ओलिम्पिक आयोजन है। 1916, 1940 और 1944 में विश्व युद्धों के कारण ओलिम्पिक खेल नहीं हुए थे. इस आयोजन में 300 डांसर और 5000 वालयंटियर्स शरीक हो रहे हैं। रियो में 10500 खिलाड़ी 207 टीमों के तहत हिस्सेदारी कर रहे हैं। यह एक रिकॉर्ड है। कोसावो और दक्षिण सूडान पहली बार ओलिम्पिक में शिरकत कर रहे हैं। रियो ओलिम्पिक में 554 खिलाड़ियों के साथ शामिल हुई अमरीका की टीम, सबसे बड़ी ओलिम्पिक टीम है तो 100 मीटर के धावक इटिमोनी के साथ शामिल हुए देश तुवालू की टीम सबसे छोटी है। इस ओलिम्पिक में पहली बार वर्ष 2000 के बाद पैदा हुए खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। नेपाल की 13 वर्षीय तैराक गौरिका सिंह रियो ओलिम्पिक में हिस्सा लेने वाली सबसे कम उम्र की खिलाड़ी हैं। गौरिका सिंह नेपाल की ओलिम्पिक जा रही सात सदस्यीय टीम का हिस्सा हैं। रियो ओलिम्पिक ऐसे समय में ब्राजील में आयोजित किये जा रहे हैं जब वहां राजनीतिक संकट और आर्थिक मंदी गहरा रही है।

अभिनव बिंद्रा ने की भारतीय दल की अगुवाई

2008 बीजिंग ओलिंपिक स्वर्ण पदक विजेता अभिनव बिंद्रा की अगुवाई में भारत ने 95वें क्रम के देश के रूप में स्टेडियम में प्रवेश किया। बिंद्रा का यह आखिरी ओलिंपिक है और वह भारत के ध्वजवाहक थे। भारत के 118 में से लगभग 70 खिलाड़ियों और 24 अधिकारियों ने मार्चपास्ट में हिस्सा लिया। पुरुष खिलाड़ियों ने गहरे नीले रंग का ब्लेजर और पैंट तथा महिला खिलाड़ियों ने पारंपरिक साड़ी और ब्लेजर पहन रखा था। अपने रिकॉर्ड सातवें ओलिंपिक खेलों में भाग ले रहे लिएंडर पेस को दर्शकों का अभिवादन स्वीकार करते हुए देखा गया, जबकि महिला खिलाड़ियों में शटलर ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा तथा जिम्नास्ट दीपा करमाकर ने सभी का ध्यान खींचा।

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विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिये अतिरिक्त चरण

भोपाल, विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिये काउंसलिंग का एक और अतिरिक्त चरण किया जा रहा है। यह अतिरिक्त चरण एक से 11 अगस्त तक निर्धारित किया है।

ये हैं पाठ्यक्रम -

राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद के बी.एड., एम.एड., बी.पी.एड., एम.पी.एड., बी.एससी.-बी.एड., बी.ए.-बी.एड., बी.एलएड., बी.एड.-एम.एड. (एकीकृत) पाठ्यक्रमों में सत्र 2016-17 के प्रवेश के लिये पुन: एक अतिरिक्त चरण होगा। विस्तृत संशोधित समय-सारणी एवं निर्देश विभागीय वेबसाइट www. highereducation.mp.gov.in और एम.पी. ऑनलाइन के पोर्टल www.mponline.gov.in/portal पर उपलब्ध है।

 

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डिप्लोमा इन एजुकेशन में प्रवेश 31 अगस्त तक

स्कूल शिक्षा विभाग में डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एज्युकेशन (डीएलएड) में सभी शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया की अंतिम तिथि 31 अगस्त, 2016 निर्धारित की गयी है। प्रवेश प्रक्रिया में तिथिवार समय-सारणी एम.पी. ऑनलाइन और www. educationportal.mp.gov.in पर उपलब्ध है। आवेदक एम.पी. ऑनलाइन पोर्टल पर पुन: प्राथमिकता निर्धारित करते हुए संस्था का चयन कर शेष रिक्त सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया में शामिल हो सकते हैं। ऐसे मूल-बधिर उम्मीदवार, जो डीएलएड प्रवेश के लिये पूर्व में पंजीयन नहीं करवा सके हैं, वे नवीन पंजीयन कर संस्था का चयन कर सकते हैं। आवेदन एम.पी. ऑनलाइन कियोस्क के माध्यम से किये जा सकते हैं।

 

 

 
     
     

 

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