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राष्ट्रपति की बेलारूस यात्रा

अब तक की सबसे मुश्किल यात्रा पर सौर विमान

अमेरिका पर आतंकी हमले का खतरा बढ़ा

इस्राइल और फिलिस्तीन में खत्म हो सकता है संघर्ष

दुनिया को जानें – इण्डोनेशिया

जापान में आया शक्तिशाली भूकंप

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राष्ट्रपति की बेलारूस यात्रा

2020 तक एक अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य 

भारत को तेजी से बढ़ते उभरते बाजारों में से एक बताते हुए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने 3 जून को बेलारूस के निवेकों को भारत में निवे के लिए आमंत्रित किया और दोनों देशो के बीच 2020 तक द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर एक अरब डॉलर तक पहुंचाने पर जोर दिया।

संयुक्त व्यावसायिक परिषद की बैठक में मुखर्जी ने कहा कि वित्तीय मजबूती की पहल से भारत की वित्तीय स्थिति सुधरी है, मुद्रास्फीति कम हुई है, विनिर्माण क्षेत्र सुधार के शुरुआती चरण में है और कृषि क्षेत्र में वृद्धि जोरदार रही है। उन्होंने कहा 'जैसा कि आपको पता है भारत विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभर रहा है और सबसे तेजी से उभरते बाजारों में से एक है जिसकी औसत वृद्धि दर पिछले दक में सात प्रतित से अधिक रही है। सकारात्मक संकेत हैं जो बताते हैं कि हम अपेक्षाकृत ज्यादा तेज वृद्धि के मार्ग पर बढ़ सकते हैं।' स्वीडन और बेलारूस की पांच दिन की यात्रा के अंतिम समारोह में मुखर्जी ने कहा कि भारत और बेलारूस के बीच व्यापार कम है। भारत और बेलारूस के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2014 में करीब 40 करोड़ डॉलर रहा। उन्होंने कहा 'मुझे आशा है और राष्ट्रपति ए.जी. लुकाश्को के साथ हुई बातचीत से मुझे उम्मीद बंधी है कि हम अपना व्यापार 2020 तक बढ़ाकर एक अरब डॉलर तक पहुंचा सकते हैं।'

राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि यदि व्यापार बास्केट में उत्पादों का दायरा बढ़ाया जाता है, उच्च-प्रौद्योगिकी तथा मूल्यवर्द्धित उत्पादों की हिस्सेदारी बढ़ती है और सेवा क्षेत्र में आदान-प्रदान तथा सहयोग बढ़ता है तो यह स्तर प्राप्त किया जा सकता है। व्यापार सुगमता के लिए दोनों सरकारें गुणवत्ता नियंत्रण, उत्पादों के मानकीकरण प्रमाणन में सहयोग बढ़ाने और सीमा शुल्क औपचारिकताओं को सामान्य बनाने की इच्छुक हैं। उन्होंने कहा 'हम और भारत तथा यूरेशियन इकनोमिक यूनियन के बीच प्रस्तावित भागीदारी के संबंध में साथ मिलकर काम करेंगे ताकि मौजूदा व्यापार बाधाओं से निपटा जा सके और व्यापार के लिए नई बाधा को टाला जा सके।'

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 ब तक की सबसे मुश्किल यात्रा पर सौर विमान

सौर विमान सोलर इंपल्स-2 अपनी सबसे मुश्किल यात्रा पर निकल चुका है। यह विमान चीन के नानजिंग शहर से प्रशांत महासागर के हवाई द्वीप पर पहुंचेगा। यह यात्रा छह दिन की होगी, जिसमें वह 8200 किलोमीटर की दूरी तय करेगा।

विमान 21 अप्रैल को नानजिंग पहुंचा था। यह भारतीय समयानुसार 30 मई को देर रात 12:10 बजे हवाई द्वीप के लिए निकला। हालांकि विमान को नानजिंग से 5 मई को ही उड़ान भरनी थी। लेकिन खराब मौसम के कारण इसका कार्यक्रम टलता रहा। विमान अपनी यात्रा के दौरान भारत भी आया था और वह अहमदाबाद और वाराणसी में रुका था। विमान अपनी विश्व यात्रा के दौरान 35 हजार किमी की दूरी तय करेगा।

  समुद्री हवाओं से जूझना होगा

नानजिंग से हवाई द्वीप की यात्रा 6 दिन, 6 रात की होगी। विमान 8200 किमी की दूरी तय करेगा। इस दौरान पायलट आंद्र बोर्शबर्ग को सोने का भी समय नहीं मिलेगा। वह एक बार में सिर्फ 20 मिनट के लिए झपकी ले सकेंगे, क्योंकि विमान इतने ही देर स्वचालित रूप से उड़ सकता है। उन्हें समुद्री हवाओं से भी जूझना पड़ सकता है।

 

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अमेरिका पर आतंकी हमले का खतरा बढ़ा

खुफिया एजेंसियों को फोन और ऑनलाइन खुफिया निगरानी के व्यापक अधिकार देने वाले पैट्रियॉट एक्ट की अवधि खत्म हो जाने से अमेरिका की सुरक्षा के लिए बड़ा संकट पैदा हो गया है।
खासकर आईएस के खिलाफ अमेरिकी अभियान को देखते हुए सीआईए के प्रमुख जॉन ब्रेनन ने 31 मई को वाशिंगटन में आगाह किया है कि अत्याधुनिक संचार उपकरणों के इस्तेमाल में माहिर आतंकी ऐसे ही खामियों का फायदा उठाकर बड़े हमलों को अंजाम दे सकते हैं।
अमेरिकी सीनेट में खुफिया निगरानी के कुछ विवादास्पद प्रावधानों पर सहमति न बन पाने के बाद पैट्रियॉट एक्ट के तहत खुफिया एजेंसियों को मिले अधिकार 31 मई से खत्म हो गए। दरअसल, अमेरिका में 2001 को हुए भीषण हमले के बाद संदिग्ध आतंकियों और कट्टरपंथियों पर नजर रखने के लिए पैट्रियॉट एक्ट पारित किया गया था। इसके तहत राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनएसए) को फोन, इंटरनेट और अन्य संचार माध्यमों का डाटा हासिल करने और खुफिया निगरानी के व्यापक अधिकार दिए गए थे। हालांकि सीआईए के पूर्व एजेंट एडवर्ड स्नोडेन ने विदेशी नेताओं, दूतावासों और आम अमेरिकी नागरिकों की जासूसी का खुलासा किया था, जिसके बाद अमेरिकी सरकार को देश में ही नहीं, दुनिया भर में शर्मिंदगी झेलनी पड़ी थी।
क्या है पैट्रियॉट एक्ट
अमेरिका में 9/11 को हुए हमले के बाद एनएसए को फोन और ऑनलाइन संदे
शों को खंगालने के व्यापक अधिकार दिए गए थे। उन्हें अदालती और प्रशासनिक मंजूरी लेने की जरूरत नहीं थी। खुफिया एजेंसियां इन अधिकारों को खतरे भांपने के लिए बेहद अहम मानती हैं।
अधिकार में कटौती
अमेरिका में पैट्रियॉट एक्ट का स्थान लेगा यूएस फ्रीडम एक्ट घरेलू स्तर पर असीमित डाटा संग्रह के अधिकार नहीं होंगे
डाटा रिकॉर्ड एनएसए की बजाय टेलीफोन कंपनियां रखेंगी डाटा पाने के लिए एनएसए को अदालती मंजूरी लेनी होगी।
   

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स्राइल और फिलिस्तीन में खत्म हो सकता है संघर्ष

फिलिस्तीन के अग्रणी लेखक राजा शेहादेह का कहना है कि फिलिस्तीन दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद विरोधी मुहिम जैसी समन्वित ताकत का इस्तेमाल करते हुए और दबाव बनाकर इस्राहल के साथ दशकों से चल रहे संघर्ष को खत्म कर सकता है। नई दिल्ली से 31 मई को प्राप्त जानकारी के तहत अपनी नवीनतम किताब 'लैंग्वेज ऑफ वार, लैंग्वेज ऑफ पीस फिलिस्तीन, इस्राइल एंड द सर्च फॉर जस्टिस' में उन्होंने इस्राइल-फिलिस्तीन संघर्ष में भाषायी राजनीति और राजनीति की भाषा का खाका खींचा है। उन्होंने कहा 'हमारी पूरी उम्मीद लोगों से जुड़ी होनी चाहिए न कि सरकार से। जिसे भी थोड़ा सा राजनीतिक ज्ञान होगा, वह जानते हैं कि सरकार अंत में काम करती है।
यह लोगों पर है कि उन पर दबाव बनाना चाहिए और उनकी बेशुमार समन्वित शक्ति का इस्तेमाल करना चाहिए जैसा कि दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद को खत्म करने के लिए संघर्ष हुआ।' उन्हें यह भी लगता है कि क्षेत्र में शांति के माहौल के लिए फिलिस्तीन की इस्राइल के सह अस्तित्व को स्वीकार करना चाहिए। शेहादेह ने कहा, 'हमें इस्राइली समाज की तबाही की कामना नहीं करनी चाहिए बल्कि नए संबंध बनाने के लिए रास्तों की तलाश करनी चाहिए।'
      

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          दुनिया को जानें इण्डोनेशिया

इण्डोनेशिया की राजधानी जकार्ता है। सूर्याबाला एवं बांदुंग प्रमुख शहर हैं। इसका क्षेत्रफल 19,04,569 वर्ग किलोमीटर है। इसकी जनसंख्या 25,36,09,643 है। यहां बहासा इण्डोनेशियन, डच, अंग्रेजी और अन्य ऑस्ट्रोनेशियन भाषाएं बोली जाती हैं। यहां साक्षरता दर 92.8 प्रतिशत है। यहां की कुल आबादी के 86.1 प्रतिशत लोग इस्लाम धर्म के अनुयायी हैं। यहां की मुद्रा रुपया है। इस देश की प्रति व्यक्ति आय 4,923 डॉलर है। 17 अगस्त यहां का स्वतंत्रता दिवस है।
इण्डोनेशिया बहुद्वीपीय राज्य है। जिसमें करीब 13,500 द्वीप हैं। इनमें से 6000 द्वीप जावा, सुमाजा, कालीमर्तन (इण्डोनेशियाई बोर्नियो) सुलवोसी और इरियन जामा (वेस्ट न्यूगिनी) हैं और इनके साथ 30 छोटे द्वीप समूह हैं।
इसकी राजधानी जकार्ता है। इसका पुराना नाम बराविया है और यह जावा द्वीप पर है। यह देश 27 प्रांतों में विभाजित है। हॉलैण्ड की सेना के समर्पण के बाद जापानी सेना का इण्डोनेशिया पर 1942 से 1945 तक कब्जा रहा। इण्डोनेशिया के लोगों ने 17 अगस्त 1945 को अपनी स्वाधीनता की घोषणा कर दी। 17 अगस्त 1950 को यह गणतंत्र देश बना और डॉ. सुकर्णो यहां के राष्ट्रपति बने। 1968 में सेना प्रमुख सुहार्तो राष्ट्रपति पद के लिये नामांकित किये गये।
1996 में डॉ. सुकर्णो की पुत्री मेगावती सुकर्णोपुत्री प्रमुख विपक्षी नेता के रूप में उभरीं। अलनीनो प्रभाव के कारण 1997 में यहां पड़े भीषण सूखे ने लगातार दो वर्षों तक कृषि को नष्ट कर दिया। मुद्रा का भारी अवमूल्यन हो गया। आर्थिक अफरा-तफरी मच गई। आर्थिक बदहाली के कारण दंगे-फसाद शुरू हो गये। जनवरी में सरकार ने आर्थिक सुधारों का वादा करते हुये आई.एम.एफ. से मदद मांगी। रुपया डॉलर के मुकाबले 80.1 प्रतिशत तक लुढ़क गया। जुलाई 1997 में जनरल सुहार्तो (सातवीं बार राष्ट्रपति बने थे) को पद से हटना पड़ा।
इण्डोनेशिया ने 1978 में पूर्वी तिमोर पर कब्जा कर लिया था। 30 अगस्त 1999 को लोकमत (संयुक्त राष्ट्र संघ इसे जनता की राय मानता है) करवाया गया। 90 प्रतिशत लोगों ने इण्डोनेशिया से अलग होने के लिये मतदान किया। परिणाम की घोषणा होते ही पूर्वी तिमोर में हिंसा और रक्तपात का दौर शुरू हो गया। जकार्ता के समर्थन वाले लोगों ने अलग होने वालों पर धावा बोल दिया। हजारों लोग बेघर हो गये।
प्राकृतिक संसाधनों की दृष्टि से इण्डोनेशिया संसार के सबसे धनी देशो में से एक है। यहां टिन और तेल बहुतायत से निकाला जाता है और बाक्साइट, तांबे, निकल, सोने और चांदी के काफी बड़े भंडार हैं। यहां का प्रमुख उद्यम कृषि है। चावल, तम्बाखू, कॉफी, रबर, कालीमिर्च, सेमल की रुई, नारियल, ताड़, तेल, चाय और गन्ना यहां की प्रमुख फसलें हैं। वन उत्पादन विदेशी मुद्रा अर्जित करने का प्रमुख साधन है।
 

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जापान में आया शक्तिशाली भूकंप

30 मई को जापान के तटीय इलाकों में 7.8 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया जिससे राजधानी टोक्यो में इमारतें हिल गईं और कारों के अलार्म बजने लगे। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता काफी अधिक होने के बावजूद सुनामी का कोई खतरा नहीं है। प्रशांत सुनामी चेतावनी केंद्र ने यह जानकारी दी है।
स्थानीय समयानुसार रात्रि साढ़े आठ बजे के करीब आए भूकंप से रिहायाशी इलाकों में इमारतें हिलने लगीं। भूकंप के कारण किसी प्रकार के जानमाल के नुकसान की तत्काल कोई खबर नहीं है। भूकंप का केंद्र धरती की सतह से 676 किलोमीटर नीचे स्थित था। यह टोक्यो के दक्षिण में करीब 870 किलोमीटर दूर प्रशांत महासागर में एक दूरवर्ती इलाके में केंद्रित था। अमेरिकी भूगर्भ विज्ञान सर्वेक्षण ने यह जानकारी दी है।
भूकंप के केंद्र के करीब बसे इलाकों में से एक चिचिजिमा में पारंपरिक गेस्ट हाउस चलाने वाले योशियुकी सासामोतो ने बताया, मकान काफी जोरदार तरीके से हिले। उन्होंने बताया शुरूआत में हल्का भूकंप आया और यह रुक गया। उसके बाद शक्तिशाली भूकंप आया। यह इतना अधिक भीषण था कि मैं सीधे खड़ा नहीं रह सका और चल भी नहीं सका। टोक्यो के प्रमुख नरीता हवाई अड्डे के दोनों रनवे अस्थाई रूप से बंद कर दिए गए हैं और जांच पड़ताल की जा रही है। टोक्यो में ट्रेनों को भी अस्थाई रूप से रोक दिया गया है और शहर में एक फुटबॉल मैच भी कुछ समय के लिए टाल दिया गया है। क्षेत्र के परमाणु ऊर्जा संयंत्रों में से किसी में भी किसी प्रकार की गड़बड़ी की कोई खबर नहीं है। जापान में मार्च 2011 में समुद्र के नीचे आए भीषण भूकंप से देश के उत्तर पूर्वी तट पर सुनामी आ गई थी। इस सुनामी ने हजारों लोगों की जान लेने के साथ ही शहरों को तबाह कर दिया था और सुनामी की लहरों ने फुकुशिमा परमाणु ऊर्जा संयंत्र के कूलिंग सिस्टम को भी प्रभावित किया था जिससे तीन रिएक्टर ठप पड़ गए थे। चेर्नोबिल के बाद दुनिया की सबसे बड़ी परमाणु त्रासदी माने जाने वाली इस घटना में लाखों लोग विस्थापित हुए थे और बड़ा भूभाग कई दशकों के लिए बंजर हो गया था। जापान चार टेक्टोनिक प्लेटों के मिलन स्थल पर टिका है और हर साल विश्व के सर्वाधिक शक्तिशाली भूकंपों में से करीब 20 फीसदी भूकंप जापान में आते हैं।
       

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